Friday, February 19, 2016

आप तो ऐसे ना थे - गीत : तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है....

आप तो ऐसे ना थे  
गीत : तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है....

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहां भी जाऊं ये लगता है, तेरी महफ़िल है

ये आसमान ये बादल ये रासते ये हवा
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने पे
क इ  दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से
ये ज़िंदगी है सफ़र तू सफ़र कि मंज़िल है, जहां भी ।।।

हर एक फूल किसी याद सा महकता है
तेरे खयाल से जागी हुई फ़िज़ाएं हैं
ये सबज़ पेड हैं या पयार की दुआएं हैं
तू पास हो कि नहीं फिर भी तू मुकाबिल है,  जहा।न भी ।।।

हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़ि।नदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रासता कहीं तनहा कटे तो मुशकिल है, जहां भी ।।।

तेरे बगैर जहां में कोई कमी सी थी
भतक रही थी जवानी अंधेरी राहों में
सुकून दिल को मिला आ के तेरी बाहों में
मैं एक खोइ हुई मौज हूं तू साहिल है,  जहां भी ।।।

तेरे जमाल से रोशन है कायनात मेरी
मेरी तलाश तेरी दिलकशी रहे बाकी
खुदा करे की ये दीवानगी रहे बाकी
तेरी वफ़ा ही मेरी हर खुशी का हासिल है, जहां भी ।।।

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