सत्यम, शिवम, सुंदरम
गीत : चंचल शीतल निर्मल कोमल
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
सुन्दरता की हर प्रतिमा से बढकर है तू सुन्दर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
कहते है जहां ना रवि पहुचे, कहते है वहा पर कवि पहुचे
तेरे रंग-रूप की छाया तक, ना रवि पहुचे ना कवि पहुचे
मै छूने लगूँ तू उड़ जाए परियो से तेरे पर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
तेरे रसवंती होठो का मै गीत कोई बन जाऊगा
सरगम के फूलो से तेरे सपनो की सेज सजाऊगा
डोली मे बैठ के आएगी जब तू साजन के घर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
ऐसा लगता है टूट गए सब तारे
गोरे-गोरे इक चंदा से रंगीन बदन से लिपट गए
बनकर नाथ कंगन करधनिया
घुंघरू झुमके झूमर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
चंचल शीतल निर्मल कोमल
संगीत की देवी स्वर सजनी..
गीत : चंचल शीतल निर्मल कोमल
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
सुन्दरता की हर प्रतिमा से बढकर है तू सुन्दर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
कहते है जहां ना रवि पहुचे, कहते है वहा पर कवि पहुचे
तेरे रंग-रूप की छाया तक, ना रवि पहुचे ना कवि पहुचे
मै छूने लगूँ तू उड़ जाए परियो से तेरे पर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
तेरे रसवंती होठो का मै गीत कोई बन जाऊगा
सरगम के फूलो से तेरे सपनो की सेज सजाऊगा
डोली मे बैठ के आएगी जब तू साजन के घर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
ऐसा लगता है टूट गए सब तारे
गोरे-गोरे इक चंदा से रंगीन बदन से लिपट गए
बनकर नाथ कंगन करधनिया
घुंघरू झुमके झूमर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
चंचल शीतल निर्मल कोमल
संगीत की देवी स्वर सजनी..
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