आम्रपाली
गीत: तडप ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की
बिना कारण उदासी क्यों अचानक घिरके आती है
थका जाती है क्यों मुझको बदन क्यों तोड़ जाती है
तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की
है आखिर कौन से बंधन जो मुझसे खुल नहीं पाते
ये बादल बेबसी के क्यों बरस कर धुल नहीं जाते
तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की
गीत: तडप ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की
बिना कारण उदासी क्यों अचानक घिरके आती है
थका जाती है क्यों मुझको बदन क्यों तोड़ जाती है
तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की
है आखिर कौन से बंधन जो मुझसे खुल नहीं पाते
ये बादल बेबसी के क्यों बरस कर धुल नहीं जाते
तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की
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