Thursday, February 25, 2016

मिलन - गीत: हम तुम युग-युग से

मिलन 
गीत: हम तुम युग-युग से 

हम तुम युग-युग से ये गीत मिलन के गाते रहे हैं
गाते रहेंगे
हम तुम जग में जीवन साथी बनके आते रहे हैं
आते रहेंगे

जब-जब हमने जीवन पाया, जब-जब ये रूप सजा सजना
हर बार तुम्हीं ने माँग भरी, तुमने ही पहनाया कँगना
हम फूल बने या राख हुए, पर साथ नहीं छूटा अपना
हर बार तुम्हीं तुम आन बसे, इन आँखों में बनके सपना
हम तुम युग-युग...

सावन में जब कभी भी, ये बादल गगन पे छाये
बिजली से डर गए तुम, डर कर करीब आये
फिर क्या हुआ बताओ, बरसात थम न जाए
बरसात थम न जाए
युग-युग से...

जग ये बंधन ना तोड़ सका, हम तोड़ के हर दीवार मिले
इस जनम-जनम की नदिया के, इस पार मिले, उस पार मिले
भगवान ने पूछा मांगो तो, तुमको सारा संसार मिले
पर हमने कहा संसार नहीं, हमको साजन का प्यार मिले
हम तुम युग-युग...

हम आज कहें तुमको अपना, हम तुम किस रोज़ पराये थे
बाहों के हार तुम्हें हमने, बरसों पहले पहनाए थे
दुनिया समझी हम बिछड़ गये, ऐसे भी ज़माने आये थे
लेकिन वो जुदा होने वाले, हम नहीं, हमारे साये थे
हम तुम...

लाखों मे एक - गीत: चंदा ओ चंदा, चंदा ओ चंदा

लाखों मे एक
गीत: चंदा ओ चंदा, चंदा ओ चंदा

चंदा ओ चंदा, चंदा ओ चंदा
किसने चुराई तेरी मेरी निंदिया
जागे सारी रैना तेरे मेरे नैना

हस के मैं तेरा मन बहलाऊँ
अपने ये आँसू मगर किसे मैं दिखाऊँ
मैंने तो गुज़ारा जीवन सारा, बेसहारा

चंदा ओ चंदा, चंदा ओ चंदा
किसने चुराई तेरी मेरी निंदिया
जागे सारी रैना तेरे मेरे नैना

तेरी और मेरी एक कहानी
हम दोनों की कदर किसी ने ना जानी
साथी ये अंधेरा जैसे तेरा, वैसे मेरा

चंदा ओ चंदा, चंदा ओ चंदा
किसने चुराई तेरी मेरी निंदिया
जागे सारी रैना तेरे मेरे नैना

सपनों में खोयी दुनिया है सोयी
तेरी और मेरी खबर पूछे न कोई
आजा करे बातें मुलाकातें बीते रातें

चंदा ओ चंदा, चंदा ओ चंदा
किसने चुराई तेरी मेरी निंदिया
जागे सारी रैना तेरे मेरे नैना

जीने की राह - गीत: चंदा को ढ़ूंढ़ने सभी तारे निकल पडे

जीने की राह
गीत: चंदा को ढ़ूंढ़ने सभी तारे निकल पडे

चंदा को ढ़ूंढ़ने सभी तारे निकल पडे
गलियों में वो नसिब के मारे निकल पडे

उनकी नजर को जिसने नजारा चुरा लिया
उनके दिलों का जिसने सहारा चुरा लिया
उस चोर की तलाश में सारे निकल पडे

चंदा को ढ़ूंढ़ने सभी तारे निकल पडे
गलियों में वो नसिब के मारे निकल पडे

गम की अंधेरी रात में जलना पडा उन्हे
फूलों पे बदले काटों पे चलना पडा उन्हे
धरती पे जब गगन के दुलारे निकल पडे

चंदा को ढ़ूंढ़ने सभी तारे निकल पडे
गलियों में वो नसिब के मारे निकल पडे

उनकी पूकार सुन के ये दिल डगमगा गया
हम को भी कोई बिछडा हुआ याद आ गया
भर आई आंख आँसू हमारे निकल पडे

चंदा को ढ़ूंढ़ने सभी तारे निकल पडे
गलियों में वो नसिब के मारे निकल पडे

आम्रपाली - गीत: तुम्हें याद करते करते, जाएगी रैन सारी

आम्रपाली 
गीत: तुम्हें याद करते करते, जाएगी रैन सारी

तुम्हें याद करते करते, जाएगी रैन सारी
तुम ले गये हो अपने संग नींद भी हमारी
तुम्हें याद करते करते

मन है के जा बसा है, अन्जान एक नगर में
कुछ खोजता है पागल खोई हुई डगर में
इतने बड़े महल में, घबराऊ मैं बेचारी
तुम ले गये हो अपने संग नींद भी हमारी

तुम्हें याद करते करते, जाएगी रैन सारी
तुम ले गये हो अपने संग नींद भी हमारी
तुम्हें याद करते करते

बिरहा की इस चीता से, तुम ही मुझे निकालो
जो तुम ना आ सको तो, मुझे स्वप्न में बुला लो
मुझे ऐसे मत जलाओ, मेरी प्रीत है कुंवारी
तुम ले गये हो अपने संग नींद भी हमारी


तुम्हें याद करते करते, जाएगी रैन सारी
तुम ले गये हो अपने संग नींद भी हमारी
तुम्हें याद करते करते

आम्रपाली - गीत: तडप ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की

आम्रपाली 
गीत: तडप ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की

तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की

बिना कारण उदासी क्यों अचानक घिरके आती है
थका जाती है क्यों मुझको बदन क्यों तोड़ जाती है

तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की

है आखिर कौन से बंधन जो मुझसे खुल नहीं पाते
ये बादल बेबसी के क्यों बरस कर धुल नहीं जाते

तड़प ये दिन रात की, कसक ये बिन बात की
भला ये रोग है कैसा, सजन अब तो बता दे, अब तो बता दे
तड़प ये दिन रात की 

धरम करम - गीत: एक दिन बिक जाएगा

धरम करम 
गीत:  एक दिन बिक जाएगा

इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल
जग में रह जाएंगे, प्यारे तेरे बोल
दूजे के होंठों को, देकर अपने गीत
कोई निशानी छोड़, फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक...

अनहोनी पथ में काँटें लाख बिछाए
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए
ये बिरहा, ये दूरी, दो पल की मजबूरी
फिर कोई दिलवाला काहे को घबराये
धारा तो बहती है, बहके रहती है
बहती धारा बन जा, फिर दुनिया से डोल
एक दिन बिक...

परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी
थाम के तेरे मेरे मन की डोरी
ये डोरी ना छूटे, ये बन्धन ना टूटे
भोर होने वाली है अब रैना है थोड़ी
सर को झुकाए तू, बैठा क्या है यार
गोरी से नैना जोड़, फिर दुनिया से डोल
एक दिन बिक...

Wednesday, February 24, 2016

निकाह - गीत: फज़ा भी है जवां

निकाह 
गीत: फज़ा भी है जवां 

फज़ा भी है जवाँ, जवाँ
हवा भी है रवाँ, रवाँ
सुना रहा है ये समा
सुनी सुनी सी दास्ताँ

पुकारते हैं दूर से, वो काफिले बहार के
बिखर गये हैं रंग से, किसी के इंतजार के
लहर लहर के होंठ पर, वफ़ा की है कहानियाँ
सुना रहा है ये समा...

बुझी मगर बुझी नहीं, न जाने कैसी प्यास है
करार दिल से आज भी, ना दूर है ना पास है
ये खेल धूप-छाँव का, ये कुरबतें, ये दूरियाँ
सुना रहा है ये समा...

हर एक पल को ढूंढता, हर एक पल चला गया
हर एक पल फिराक का, हर एक पल विसाल का
हर एक पल गुजर गया, बना के दिल पे इक निशाँ
सुना रहा है ये समा..

रजनीगंधा - गीत : कई बार यूँ भी देखा है

रजनीगंधा 
गीत : कई बार यूँ भी देखा है 

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
जो खिले हैं फूल, फूल मुस्कुरा के
कौन सा फूल चुरा के
रखूँ लूँ मन में सज़ा के
कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
सुलझाऊं कैसे कुछ समझ ना पाऊं
किसको मीत बनाऊ
किसकी प्रीत भुलाऊं
कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

अमर अकबर ऐंथनी - गीत: हमको तुमसे हो गया है प्यार

अमर अकबर ऐंथनी 
गीत: हमको तुमसे हो गया है प्यार 

देख के तुमको दिल डोला है
God Promise हम सच बोला है
ओ हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार...

कभी बोलूँ मैं कभी बोले तू I Love You (Love You)
मैंने तुमपे, तुमने मुझपे, कर दिया जादू I Love You (Love You)
अब तक छुपाए रखा
शोला दबाए रखा
राज़ ये हमने अब खोला है
God Promise...
हमको तुमसे हो गया है प्यार...

तेरे संग जीवन की डोर बँधी है
चुप चुप संग डोलूं, कैसे मैं ये बोलूं
मैं सपनों का सागर, तू प्रेम नदी है
अब तक छुपाए रखा... शोला दबाये रखा ...
चाँद-चकोरी ज्यूँ दुनिया में
राम क़सम तू रहे जिया में
हमको तुमसे हो गया है प्यार...

दिल में दिलबर तू रहता है, ख़ुदा ग़वाह हम सच कहता है
हमको तुमसे हो गया है प्यार...
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार...

एक तो अकबर का कलाम, उसमें शामिल तेरा नाम
दो लफ़्ज़ों में करता हूँ, मुख़्तसर किस्सा तमाम
मैं शायर हूँ, मेरा है वास्ता हसीनों से
तेरी फ़ुर्क़त में सोया नहीं महीनों से
नहीं करते ये बातें परदानशीनों से
सर-ए-बाज़ार छोड़ो छेड़ महज़बीनों से
अब तक छुपाए रखा... शोला दबाये रखा ...

हुस्न हमेशा रूठा रहता है
ख़ुदा ग़वाह हम सच कहता है
हमको तुमसे हो गया है प्यार...
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार...

Saturday, February 20, 2016

यारा दिलदारा - गीत: बिन तेरे सनम

यारा दिलदारा 
गीत: बिन तेरे सनम 

बिन तेरे सनम, मर मिटेंगे हम, आ मेरी ज़िन्दगी - २
आना ही पड़ा, सजना, ज़ालिम है दिल की लगी - २
बिन तेरे सनम ...

हो, आना ही पड़ा, सजना, ज़ालिम है दिल की लगी - २

(तेरे ही दम से होगी, दिल की मुराद पूरी
तेरे बगैर जानम, है ज़िन्दगी अधूरी ) - २
ऐ मेरे हंसीं, अब न जा कहीं, आ मेरी ज़िन्दगी
आना ही पड़ा, सजना, ज़ालिम है दिल की लगी
बिन तेरे सनम ...

ये जानकर बलमजी, थामी है तेरी बाहें
सहनी पड़ेंगी सबकी, काँटो भरी निगाहें
सब सहेंगे हम, और हंसेंगे हम, आ मेरी ज़िन्दगी
ओ हो हो, आना ही पड़ा, सजना, ज़ालिम है दिल की लगी
बिन तेरे सनम ...

तुम हो मेरे तो अब है, मौसम गुलाम अपना
हो, शबनम ने लिख दिया है, फूलों पे नाम अपना
सुन हवा यही गीत गा रही, आ मेरी ज़िन्दगी
आना ही पड़ा, सजना, ज़ालिम है दिल की लगी
बिन तेरे सनम ...

मुक़द्दर का सिकंदर - गीत: दिल तो है दिल

मुक़द्दर का सिकंदर
गीत: दिल तो है दिल

दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार, क्या कीजे - २
आ गया जो, किसी पे प्यार, क्या कीजे - २
दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार, क्या कीजे

यादों में तेरी खोई, रातों को मैं ना सोई
हालत ये मेरे मन की, जाने ना जाने कोई
बरसों ही तरसी आँखें, जागी है प्यासी रातें
आई हैं आते आते होठों पे दिल की बातें
प्यार में तेरे, दिल का मेरा कुछ भी हो अंजाम
बेक़रारी, में है इक़रार, क्या कीजे
आ गया जो, किसी पे प्यार, क्या कीजे - २


छाया है मन पे मेरे मदहोश रहना तेरा
मेरे ही तनको मिला तेरी बाहो का फ़ेरा
दूरी सही न जाये, चैन कहीं ना आये
चलना है अब तो तेरी पलको के छाये छाये
बस ना चले रे शाम सवेरे लेके तेरा नाम
दिल धड़कता है बार बार क्या कीजे
आ गया जो, किसी पे प्यार, क्या कीजे - २
दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार, क्या कीजे 

सावन को आने दो - गीत: तुझे देख कर जग वाले पर यकीन नहीं क्यों कर होगा

सावन को आने दो 
गीत: तुझे देख कर जग वाले पर यकीन नहीं क्यों कर होगा

तुझे देख कर जग वाले पर यकीन नहीं क्यूं कर होगा
जिसकी रचना इतनी सुन्दर वो कितना सुन्दर होगा
वो कितना सुन्दर होगा
वो कितना सुन्दर होगा

तुझे देखने को मैं क्या हर दर्पण तरसा करता है
ज्यों तुलसी के पिरवा को हर आंगन तरसा करता है
हर आंगन तरसा करता है
अपना रूप दिखाने को ... हो हो ओ हो
अपना रूप दिखाने को तेरे रूप में खुद ईश्वर होगा
जिसकी रचना ...

राग रंग रस का संगम आधार तू प्रेम कहानी का
मेरे प्यासे मन में यूं उतरी ज्यों रेत में झरना पानी का
ज्यों रेत में झरना पानी
अंग अंग तेरा रस की गंगा ... हो हो ओ हो
अंग अंग तेरा रस की गंगा रूप का वो सागर होगा
जिसकी रचना ...

जाल - गीत : सुन जा दिल की दास्तां (हेमंत कुमार)

जाल 
गीत : सुन जा दिल की दास्तां 
हेमंत कुमार

ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ
सुन जा दिल की दास्ताँ

पेड़ों की शाखों पे सोई-सोई चाँदनी
तेरे खयालों में खोई-खोई चाँदनी
और थोड़ी देर में, थक के लौट जाएगी
रात ये बहार की, फिर कभी न आएगी
दो एक पल और है ये समां
सुन जा...

लहरों के होंठों पे धीमा-धीमा राग है
भीगी हवाओं में ठंडी-ठंडी आग है
इस हसीन आग में, तू भी जलके देख ले
ज़िंदगी के गीत की, धुन बदल के देख ले
खुलने दे अब धड़कनों की ज़बाँ
सुन जा...

जाती बहारें हैं, उठती जवानियाँ
तारों के छाँव में कहले कहानियाँ
एक बार चल दिये, गर तुझे पुकार के
लौटकर न आएंगे, क़ाफ़िले बहार के
आजा अभी ज़िंदगी है जवाँ
सुन जा...

जाल - गीत : सुन जा दिल की दास्तां (युगल : लता मंगेशकर, हेमंत कुमार)

जाल 
गीत : सुन जा दिल की दास्तां 
 (युगल : लता मंगेशकर, हेमंत कुमार)

ये रात ये चाँदनी फिर कहाँ, सुन जा दिल की दास्तां
चाँदनी रातें प्यार की बातें खो गयी जाने कहाँ

आती है सदा तेरी, टूटे हुए तारों से
आहट तेरी सुनती हूँ, खामोश नज़ारों से
भीगी हवा, उमड़ी घटा, कहती है तेरी कहानी
तेरे लिये, बेचैन है, शोलों में लिपटी जवानी
सीने मे बलखा रहा है धुआं
सुन जा दिल...

लहरों के लबों पर हैं, खोये हुए अफ़साने
गुलज़ार उम्मीदों के, सब हो गये वीराने
तेरा पता, पाऊं कहाँ, सूने हैं सारे ठिकाने
जाने कहाँ, गुम हो गये, जा के वो अगले ज़माने
बरबाद है आरज़ू का जहाँ, सुन जा दिल की दास्तां

इम्तिहां - गीत: रुक जाना नहीं

इम्तिहां 
गीत: रुक जाना नहीं

रुक जाना नहीं तू कहीं हार के
काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के
ओ राही, ओ राही

सूरज देख रुक गया है
तेरे आगे झुक गया है
जब कभी ऐसे कोई मस्ताना
निकले है अपनी धुन में दीवाना
शाम सुहानी बन जाते हैं दिन इंतज़ार के
ओ राही, ओ राही...

साथी न कारवां है
ये तेरा इम्तिहां है
यूँ ही चला चल दिल के सहारे
करती है मंज़िल तुझको इशारे
देख कहीं कोई रोक नहीं ले तुझको पुकार के
ओ राही, ओ राही...

नैन आँसू जो लिये हैं
ये राहों के दीये हैं
लोगों को उनका सब कुछ दे के
तू तो चला था सपने ही ले के
कोई नहीं तो तेरे अपने हैं सपने ये प्यार के
ओ राही, ओ राही...

Friday, February 19, 2016

आप तो ऐसे ना थे - गीत : तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है....

आप तो ऐसे ना थे  
गीत : तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है....

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहां भी जाऊं ये लगता है, तेरी महफ़िल है

ये आसमान ये बादल ये रासते ये हवा
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने पे
क इ  दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से
ये ज़िंदगी है सफ़र तू सफ़र कि मंज़िल है, जहां भी ।।।

हर एक फूल किसी याद सा महकता है
तेरे खयाल से जागी हुई फ़िज़ाएं हैं
ये सबज़ पेड हैं या पयार की दुआएं हैं
तू पास हो कि नहीं फिर भी तू मुकाबिल है,  जहा।न भी ।।।

हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़ि।नदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रासता कहीं तनहा कटे तो मुशकिल है, जहां भी ।।।

तेरे बगैर जहां में कोई कमी सी थी
भतक रही थी जवानी अंधेरी राहों में
सुकून दिल को मिला आ के तेरी बाहों में
मैं एक खोइ हुई मौज हूं तू साहिल है,  जहां भी ।।।

तेरे जमाल से रोशन है कायनात मेरी
मेरी तलाश तेरी दिलकशी रहे बाकी
खुदा करे की ये दीवानगी रहे बाकी
तेरी वफ़ा ही मेरी हर खुशी का हासिल है, जहां भी ।।।

शोर - गीत : जीवन चलने का नाम

शोर - गीत :  जीवन चलने का नाम 

जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम,
के रास्ता कट जाएगा मितरा
के बादल छट जाएगा मितरा,
के दुःख से रुकना ना मितरा
के एक पल रुकना ना मितरा,

जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम..,..

जो जीवन से हार मानता उसकी हो गयी छुट्टी
नाक चढ़ाकर कहे ज़िन्दगी तेरी मेरी हो गयी कुट्टी..
के रूठा यार मन मितरा,
के यार को यार बना मितरा,
ना खुद से रहो खफा मितरा,
खुद ही से खुदा बना मितरा,

जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम..

उजली उजली भोर सुनाती टूतले टूतले बोल..
अन्धकार मे सूरज बैठा अपनी गठड़ी खोल
के उससे आंख लड़ा मितरा,
समय से हाथ मिला मितरा,
के हो जा किरण किरण मितरा,
के चलता रहे चलन मितरा,

जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम..

के चली शाम के रंग महल मे
तपती हुई दोपहरी
मिली गगन से सांझ की लाली..
लेकर रूप सुनहरी
के रात बिखर जायेगी मितरा,
के बात निखर जायेगी मितरा,
के सूरज छाध जाएगा मितरा,
काफिला बढ़ जाएगा मितरा,

जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम..

हिम्मत अपना दी धरम है हिम्मत है ईमान,
हिम्मत अल्लाह हिम्मत वाहगुरू,
हिम्मत है भगवान..
के इस्पे मरता जा मितरा,
के सजदा करता जा मितरा,
के शीश झुकता चल मितरा,
के जग पर छटा जा मितरा,

जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम,
के रास्ता कट जाएगा मितरा
के बादल छट जाएगा मितरा,
के दुःख से रुकना ना मितरा
के एक पल रुकना ना मितरा,

सत्यम, शिवम, सुंदरम - गीत : चंचल शीतल निर्मल कोमल

सत्यम, शिवम, सुंदरम 
गीत : चंचल शीतल निर्मल कोमल 

चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
सुन्दरता की हर प्रतिमा से बढकर है तू सुन्दर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..

कहते है जहां ना रवि पहुचे, कहते है वहा पर कवि पहुचे
तेरे रंग-रूप की छाया तक, ना रवि पहुचे ना कवि पहुचे
मै छूने लगूँ तू उड़ जाए परियो से तेरे पर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..

तेरे रसवंती होठो का मै गीत कोई बन जाऊगा
सरगम के फूलो से तेरे सपनो की सेज सजाऊगा
डोली मे बैठ के आएगी जब तू साजन के घर सजनी
चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..

ऐसा लगता है टूट गए सब तारे
गोरे-गोरे इक चंदा से रंगीन बदन से लिपट गए
बनकर नाथ कंगन करधनिया
घुंघरू झुमके झूमर सजनी

चंचल शीतल निर्मल कोमल, संगीत की देवी स्वर सजनी..
चंचल शीतल निर्मल कोमल
संगीत की देवी स्वर सजनी..