Saturday, February 20, 2016

मुक़द्दर का सिकंदर - गीत: दिल तो है दिल

मुक़द्दर का सिकंदर
गीत: दिल तो है दिल

दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार, क्या कीजे - २
आ गया जो, किसी पे प्यार, क्या कीजे - २
दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार, क्या कीजे

यादों में तेरी खोई, रातों को मैं ना सोई
हालत ये मेरे मन की, जाने ना जाने कोई
बरसों ही तरसी आँखें, जागी है प्यासी रातें
आई हैं आते आते होठों पे दिल की बातें
प्यार में तेरे, दिल का मेरा कुछ भी हो अंजाम
बेक़रारी, में है इक़रार, क्या कीजे
आ गया जो, किसी पे प्यार, क्या कीजे - २


छाया है मन पे मेरे मदहोश रहना तेरा
मेरे ही तनको मिला तेरी बाहो का फ़ेरा
दूरी सही न जाये, चैन कहीं ना आये
चलना है अब तो तेरी पलको के छाये छाये
बस ना चले रे शाम सवेरे लेके तेरा नाम
दिल धड़कता है बार बार क्या कीजे
आ गया जो, किसी पे प्यार, क्या कीजे - २
दिल तो है दिल, दिल का ऐतबार, क्या कीजे 

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