Monday, February 6, 2017

इंतकाम: गीत - गीत तेरे साज़ का

गीत तेरे  साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ,

तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ.....

आजा मिल के बाँट ले, क्या खुशियां क्या ग़म,
तनहा तन्हा तन्हाई का ज़हर पियें क्यों हम
तू मेरे जीवन का पंछी, मैं तेरी परवाज़ हूँ

गीत तेरे साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ,
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ....

दो दिन का साथ नहीं है, सारी उमर का साथ
जीते जी ना होंगे जुदा ये आज मिले जो हाथ
तू मेरी साँसों का मालिक, मैं तेरी दमसाज हूँ

गीत तेरे साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ,
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का, तेरी ही आवाज़ हूँ....

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